Monday, 28 October 2019

बच्चों की कविता 'जब मैं था नन्हा बच्चा'

-: नन्हा बच्चा:-

 ‎जब मैं था नन्हा बच्चा,

कहलाता था अच्छा सच्चा,
आज मैं हो गया जवान,
सभी कहते हैं  बेईमान!

जब मैं था नन्हा बच्चा,
फटा पुराना कपड़ा लगता था अच्छा,
आज मैं जब हो गया जवान,
फैशन को देखकर  हूं परेशान !

‎जब मैं था नन्हा बच्चा, 
कच्चा फल लगता था अच्छा,
आज जब मैं हो गया जवान,
फीका लगता है पकवान,

जब मैं था नन्हा बच्चा,
‎धूप में खेलना लगता था अच्छा, 
आज मैं हो गया जवान,
हवा का झोंका लगता है तूफान!

जब मैं था ना बच्चा,
मां का डाँट लगता था अच्छा,
आज जब हो गया जवान,
मां का आशीर्वाद लगता है जंजाल!

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